Pranav Mukhrjee का 84 वर्ष में निधन , जाने उनके राजनीतिक करियर और राष्ट्रपति बनने तक का सफर,

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का निधन 84 वर्ष की आयु में हो गया,उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई उतार चढ़ाव देखे है,दो बार विदेश मंत्री रहे साथ है वित्त मंत्री का कार्यभार संभाला, देश के 13 वे राष्ट्रपति के रूप में शपथ लिया,राष्ट्रपति का कार्यकाल पूर्ण किया , 2019 में देश के सर्वोच्च सम्मान से नवाजे गए। आयिये जाने प्रणव दा से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण बातो को,

प्रणब मुखर्जी का निधन 31 अगस्‍त 2020 को हो गया, वह 
2012-2017 तक राष्‍ट्रपति रह चुके थे।

प्रणव मुखर्जी 84 वर्ष के थे, पिछले 10 अगस्‍त को दिल्‍ली के आर्मी रिसर्च एंड रेफरल (आर एंड आर) हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। इसी दिन ब्रेन से क्लॉटिंग हटाने के लिए इमरजेंसी में सर्जरी की गई थी। उन्‍होंने खुद के कोरोना पॉजिटिव होने की बात भी कही थी।


2012 में बने थे राष्ट्रपति


वह साल 2012 में देश के राष्ट्रपति बने थे। उनका कार्यकाल : 25 July 2012।   से 25 July 2017 तक रहा, वह भारत के 13वें राष्ट्रपति थे।

अपनी जीवनयात्रा पर लिखी पुस्तक ‘द कोलिशन ईयर्स – 1996-2012’ में उन्होंने खुद स्वीकार किया था कि वो प्रधानमंत्री बनना चाहते थे।


पिछले साल 2019 में मिला भारत रत्न


प्रणब मुखर्जी को 8 अगस्‍त 2019 में भारत रत्न सम्मान से नवाजा गया था। उनका जन्म पश्चिम बंगाल के मिराती गांव में 11 दिसंबर 1935 को हुआ था।कलकत्ता विश्वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री में एमए किया। वह डिप्टी अकाउंट जनरल (पोस्ट एंड टेलीग्राफ) में क्लर्क भी रहे।


1963 में वह कोलकाता के विद्यानगर कॉलेज में पॉलिटिकल साइंस के लेक्चरर भी रहे थे। 1969 में मिदनापुर उपचुनाव में वीके कृष्ण मेनन का कैम्पेन सफलतापूर्वक संभाला था। तब प्रधानमंत्री रहीं इंदिरा गांधी ने उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें पार्टी में शामिल कर लिया।

1969 में वो राज्यसभा के लिए चुने गए। इसके बाद 1975, 1981, 1993 और 1999 में राज्यसभा के लिए चुने गए। 2 बार लोकसभा सांसद (2004 – 2012) बने थे।
1973 में इंदिरा गांधी की कैबिनेट में पहली बार मंत्री बने थे।


1986 में कांग्रेस छोड़ दी


इंदिरा गांधी की हत्या के बाद प्रणब दा के राजीव गांधी के साथ मतभेद बढ़ गए। उन्हें पार्टी से 6 साल के लिए निकाल दिया गया।
इसके बाद प्रणब मुखर्जी ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय समाजवादी कांग्रेस का गठन किया। 1989 में पार्टी का कांग्रेस में विलय कर दिया।


दो बार विदेश मंत्री बने


राजीव गांधी की हत्या के बाद पीवी नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री बने। उन्होंने प्रणब मुखर्जी को योजना आयोग का उपाध्यक्ष बनाया। बाद में 10 फरवरी 1995 से 16 मई 1996 तक विदेश मंत्री की जिम्मेदारी संभाली।

इसके बाद 24 अक्टूबर 2006 से 22 मई 2009 तक मनमोहन सरकार में विदेश मंत्री रहे। बाद में वित्‍त मंत्री भी रहे।


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Pranav Mukhrjee का 84 वर्ष में निधन , जाने उनके राजनीतिक करियर और राष्ट्रपति बनने तक का सफर, Pranav Mukhrjee का 84 वर्ष में निधन , जाने उनके राजनीतिक करियर और राष्ट्रपति बनने तक का सफर, Reviewed by Devendra Soni on सितंबर 02, 2020 Rating: 5

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